यूपी की एक मस्जिद से आया फरमान - "टुकड़े टुकड़े में काटना है पुलिस वालों को"

तथाकथित धर्मनिरपेक्षता और नकली स्वरचित सिद्दांतो से रचे और गढ़े गये बुद्धिजीवियों के नियमो से हालात ये बन गये हैं कि अब वो सब कुछ शुरू करने की धमकी दी जा रही है जो अब तक केवल ईराक या सीरिया से आई वीडियो में देखने और सुनने को मिलता था ..

सीरिया और ईराक में ही ये हालात देखने को मिलते थे जहाँ पुलिस वालों को चौराहों पर खड़ा कर के या तो उनको गोली मारी जाती थी या उनकी गर्दनो को काट दिया जाता था .. लेकिन अब ठीक वही धमकियां और उसी प्रकार से हमलो का फरमान उत्तर प्रदेश में भी जारी हुआ है जिसमे निशाने अपर समाज के रक्षक खाकी वर्दी वाले पुलिस के जांबाज़ है .

विदित हो कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक मस्जिद में हुई मुस्लिमों की पंचायत में खुला फरमान आया है उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाजो की हत्या का . सबसे बड़ी हैरानी की बात है कि ये फरमान योगी आदित्यनाथ के शासन में दिया जा रहा है .

वहां मौजूद उन्मादियो के भाषण को देख कर ऐसा लग रहा था जैसे कि वो योगीराज के बजाय तालिबानियों की कोई बैठक हो और उसकी अध्यक्षता कोई दुर्दांत आतंकी कर रहा हो . जब अपनी हत्या की ये पंचायत उत्तर प्रदेश पुलिस की जानकारी में आई तब एक बार लखनऊ तक सनसनी फ़ैल गयी और आनन फानन में कानूनी प्रक्रियाएं शुरू हो गयी .

विदित हो कि ऐसे ही कट्टरपन्थियो के लिए अभी हाल में ही मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी किया था जिसके चलते ऐसे कुख्यात और मन में इस्लामिक शासन लाने वालों के हौसले बढ़ चुके हैं . समाज के रक्षक खाकी वर्दी वालों के नरसंहार के एलान के बाद हिन्दू समाज में भी ऐसे कट्टरपंथ के खिलाफ रोष फ़ैल गया और सबने एक स्वर में पुलिस के साथ खड़े होने का एलान कर दिया ..