गाँव बसने से पहले ही उजड़ा : बंगाल में महागठबंधन नहीं, सभी सीटों पर अकेले लड़ेगी TMC



ये वही ममाता बनर्जी है जो विपक्ष की एकता की बात सबसे ज्यादा कर रही थी, पर ममाता बनर्जी शायद समझ गयी की अगर राहुल गाँधी के साथ ज्यादा दिखी तो राहुल वो बला है जो अपने साथ के लोगों को कहीं का नहीं छोड़ते 

राहुल गाँधी वो नेता हैं जिन्होंने कांग्रेस को आज 4 राज्यों की पार्टी बना दिया, अखिलेश यादव ने इनसे हाथ मिलाया तो 200 से ज्यादा सीटों से 47 सीट पर आ गए, और पिछले दिनों जो अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुआ वो ममाता बनर्जी ने भी देख लिया 

ममाता बनर्जी ने कोलकाता में अपने कार्यकर्ताओं की रैली की इस रैली को इनकी पार्टी ने "शहीदी रैली" बताया, इस रैली में ममाता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं के सामने अपनी बातें रखी, और ऐलान कर दिया की पश्चिम बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों पर तृणमूल कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी, और ममाता ने अपने पार्टी के लोगों से चुनाव की तैयारी शुरू करने को कह दिया 

इसी के साथ ममाता बनर्जी ने साफ़ कर दिया की बंगाल में महागठबंधन नहीं होगा, और कांग्रेस के साथ मिलकर वो चुनाव नहीं लड़ेंगी, ममाता बनर्जी की पार्टी ने पहले ही राहुल गाँधी को PM उम्मीदवार मानने से भी इंकार कर दिया 

इस तरह ममाता बनर्जी ने खुद को महागठबंधन से बाहर कर लिया, अब बंगाल में ममाता की पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी, वहां बीजेपी पहले से ही अकेले है, यानि ये दो पार्टियाँ आमने सामने होंगी, कांग्रेस के पास कोई खास विकल्प है नहीं, कांग्रेस अब बंगाल में वामपंथी पार्टियों के साथ ही लड़ सकती है, हालाँकि वामपंथियों की स्तिथि अब बंगाल में ख़राब हो चुकी है, कहा जा सकता है की बंगाल से कांग्रेस और उसके महागठबंधन को कुछ नहीं मिलने वाला