पीर बाबा के नाम पर सेक्युलर हिन्दुओ को दिया गया प्रसाद, जब पता चला उड़ गए होंश


इसको वो अपनी सेकुलरिज्म के साथ बहुत बड़ा धोखा मान रहे हैं. उनको समझ में नहीं आ रहा कि ऐसा उनके साथ क्यों किया गया जबकि वो पीर की मजार पर बराबर श्रद्धा के साथ आया करते थे और अपनी तरफ से जो भी सम्भव होता था उसको चढाते भी थे.. लेकिन उन्होंने सोचा भी नहीं था कि जिस मजार पर वो खुद के साथ अपने परिवार और रिश्तेदार व दोस्तों को भी ले कर आया करते थे उसी मजार पर होगा उनके साथ कुछ ऐसा जो उन्हें उलटी तक करने पर मजबूर कर देगा.

ध्यान देने योग्य है कि ये मामला है उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का . यहाँ पर एक नामी मजार है जिसके संरक्षक मुस्लिम हैं लेकिन वहां ज्यादा जाने वाले हिन्दू हैं . एक उर्स के चलते इलाके के तमाम हिन्दुओ को वहां पीर बाबा का प्रसाद खिलाने के लिए बुलाया गया.. हिन्दुओ के कहा कि प्रसाद शाकाहारी तो है न क्योकि वो माँसाहारी खाना नहीं खाते तो मजार के संरक्षकों ने बताया कि निश्चिंत रहिये , प्रसाद शाकाहारी ही होगा . इतना सुन कर मजार में अगाध श्रद्धा रखने वाले हिन्दुओं ने लाईन लगा कर भंडारा खाया..

ये मामला महोबा के चरखारी थाना क्षेत्र का है और ये घटना है गत 31 अगस्त की जब वहां पीर बाबा का उर्स मनाया गया था। उर्स में करीब 13 गांवों के ग्रामीण एकत्र हुए थे जिसमे कई हिन्दू समाज के ऐसे लोग भी थे जो बिना नहाए जल भी नहीं ग्रहण करते थे ..ग्रामीणों का आरोप है कि उर्स के आयोजन के बाद कल्लू काजी ने सैकड़ों ग्रामीणों की भावनाओं से खिलवाड़ कर प्रसाद में धोखे से मुर्गे की बिरयानी खिला दी। जिसके बाद गांव में एक पंचायत हुई और कल्लू काजी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

इसकी जानकारी होने पर इंस्पेक्टर ने दोनों पक्षों को बैठाकर वार्ता की तो धोखे की बजाय पूरी जानकारी के बाद मुर्गे की बिरयानी खाए जाने की बात सामने आई। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों वर्गों के बीच इस मुद्दे को लेकर खींचतान न हो, इसके मद्देनजर गांव में फोर्स लगा दी है। इस मामले में भाजपा विधायक ने भी अब अपने तेवर कड़े कर दिए हैं ..मंगलवार को क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के सामने कुछ लोगों ने यह मुद्दा रखते हुए शाकाहारियों को धोखे से मांसाहारी बिरयानी खिलाए जाने का आरोप लगाया।

विधायक ने थाना प्रभारी से साफ़ साफ़ कहा है कि अगर धोखे से बिरयानी खिलाई गई है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की तहरीर पर कल्लू, शहादत, छुट्टन, रमजान, रशीद, मुन्ना, पप्पू, मजीद, नजीर, कमरुद्दीन, हजरत, बशीर, राजू, अंसार, अकरम, साबिर, शरीफ, समीम, यूनुस, यूसुफ निवासी गण स्वासामाफ, भूरा व मुन्ना निवासी लाड़पुर सहित 23 नामजद व 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कुछ अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।