राष्ट्रवाद के नाम पर कांग्रेस में फिर 2 फाड़.. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब कांग्रेस में रॉफेल मुद्दे पर विभाजन.. मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस के ही कद्दावर नेता का जवाब



कांग्रेस पार्टी इस से पहले भी संभावित विभाजन की आहट से सहमी हुई है. जिस प्रकार से कांग्रेस में राहुल बनाम प्रियंका की लामबंदी अब उच्चतम स्तर तक दिखाई दे रही है उसके बाद अब कई और मामले ऐसे भी देखने को मिल रहे हैं जिसके बाद सोनिया गांधी को भी आत्ममंथन करना होगा कि क्या सच मे कांग्रेस ख़ुद उनके भी हाथ से रेत की तरह फिसलती जा रही है.. इस से पहले तमाम मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी 2 फाड़ होती दिखी थी जिसमें संजय निरुपम की बगावत, अहमद पटेल की कूटनीति, हरियाणा के तंवर का इस्तीफा आदि ऐसे मुद्दे रहे जिस से ये अनुमान लगाया गया कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ही कांग्रेस ने एक प्रकार से हथियार डाल दिये हैं..
सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर जिस प्रकार से सवाल उठा कर कांग्रेस ने अपनी किरकिरी करवाई थी अब उसी सोच को आगे बढ़ने के बाद उसका मुकाबला जनता के बजाय अंदर आने ही नेताओ से होता दिखाई देने लगा है..जिस प्रकार से सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा कर कांग्रेस ने अपने एक बड़े जनाधार  को खो दिया था अब फिर से वही कहानी लगभग रूप में रॉफेल मामले के साथ दोहराई जा रही है जिसमे राजनाथ सिंह द्वारा रॉफेल विमान की हिन्दू पद्धति से पूजा करना कांग्रेस द्वारा विरोध का कारण बन रहा है..अब मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूजा पर सवाल उठाया तो उन्हें जवाब जनता से पहले कांग्रेस के अंदर से ही मिल गया है..इस जवाब ने इतना तो तय कर ही दिया है कि कांग्रेस में अंदरूनी रुप से सब सही नही चल रहा है..
ध्यान देने योग्य है कि फ्रांस में राफेल विमान की शस्त्र पूजा को लेकर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने अपने ही पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को निशाने पर लिया है. मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर संजय निरुपम ने कहा कि शस्त्र पूजा कोई अंधविश्वास नहीं है. यह हमारी परंपरा का प्रतीक रहा है. दिक्कत यह है कि खड़गे नास्तिक हैं, इसलिए उन्हें यह तमाशा लगता है. ऐसे लोग केवल एक फीसदी हैं. लेकिन वे एक फीसदी लोग की विचार कांग्रेस की नहीं हो सकती.
दरअसल, खड़गे ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने इतना दिखावा नहीं किया था जब उस समय सरकार बोफोर्स गन जैसा हथियार लेकर आई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को करीब 30 मिनट कर राफेल में उड़ान भरने से पहले उसकी शस्त्र पूजा की. उन्होंने राफेल पर ‘ऊं’ लिखा और रक्षा सूत्र भी विमान पर बांधा था.