मोहम्मद शाद, समीर खां, साहिल और इमरान भी शामिल हैं बस्ती जिले के छात्रनेता को गोली मारने में.. योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से मात्र घण्टे भर की दूरी पर मार डाला गया भाजपा छात्रनेता आदित्य नारायण



जिला बस्ती जिसको अपेक्षाकृत शांत जनपद समझा जाता रहा है, विशेषकर साम्प्रदायिक दृष्टिकोण से अचानक ही वहां सड़को पर उतर गए हैं छात्र और बसों के साथ अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बोल दिया धावा. यहां की पुलिस चौकी पर भी हमला करने के पीछे कहीं न कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतोष जरूर रहा होगा ..यहां पर मामले को ठंडा करने व हालात को काबू करने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं और एक वो खानापूर्ति भी की जा रही है जिसके बिना आज़ तक कोई कार्यवाही पूर्ण हुई ही नही है.. खानापूर्ति के नाम पर 2 थानेदारों को लाइन हाजिर कर दिया गया है जबकि पुलिस अधीक्षक महोदय यथावत बने हुए हैं.  शायद उत्तर प्रदेश शासन की दॄष्टि में उन्होंने तमाम कोशिश की होगी इस मामले को रोकने की और लाइन हाजिर हुए थानेदारों की ही गलती रही होगी.. आखिरकार न्याय तो शासन को ही करना है..
बस्ती वो जनपद है जो हिंदुओं के प्रमुख शक्तिपीठ बाबा गोरखनाथ मन्दिर गोरखपुर से मात्र कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है..नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद कई लोग एक घण्टे व कुछ मिनट के अंतराल में गोरखपुर अपने वाहनों से पहुँच जाते हैं.  इस से पहले भी प्रदेश में भले ही मुख्यमंत्री कोई भी रहा हो लेकिन इस क्षेत्र में बोलबाला योगी आदित्यनाथ जी का ही रहा है जहां पर कम से कम हिंदू के ऊपर किसी अन्य मत मज़हब के लोगों द्वारा अत्याचार कदापि नही सहा जाता तंग और बेहद शसक्त हिन्दू युवा वाहिनी तत्काल एक्शन लेती थी.  ऐसे में गोरखपुर का पड़ोसी बस्ती जनपद की पुलिस को चुनौती देते हुए दिन दहाड़े इमरान, मोहम्मद शाद व समीर खां मिल कर छात्रनेता आदित्य नारायण तिवारी को अपने साथियों के साथ मार डालें, ये न सिर्फ प्रदेश प्रशासन के ऊपर बड़ा सवाल है बल्कि खुद योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर हमला है.. अफसोस की बात ये है कि बस्ती पुलिस प्रमुख इसको बचाने में सफल नही हुए..
ध्यान देने योग्य है कि बीजेपी नेता एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आदित्य नारायण कबीर तिवारी हत्याकांड.. पुलिस ने आदित्य नारायण कबीर तिवारी की हत्या करने वाले आठ नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ किया मुकदमा किया दर्ज. मोहम्मद शाद उर्फ सद्दू, समीर खान, साहिल ,इमरान व इनके सााथियो सहित 2 अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. धारा 147 ,148 ,149 ,302 के तहत मुकदमा हुआ दर्ज ।बस्ती कोतवाली में मुकदमा हुआ दर्ज। आदित्य नारायण उर्फ कबीर तिवारी के चाचा शिव प्रसाद तिवारी की तहरीर पर पुलिस  ने मुकदमा की दर्ज।कल 9 अक्टूबर को बस्ती जिले के कोतवाली थाना के रंजीत चौराहे के समीप कबीर तिवारी की गोली मारकर कर दी गयी थी हत्या।
बता दें कि, बीजेपी नेता एवं छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रहे कबीर तिवारी को दबंगों ने गोली मार दी | गोली लगने से कबीर तिवारी गंभीर रूप से हुए घायल| कबीर तिवारी को बस्ती जिला चिकित्सालय में कराया गया भर्ती| कबीर तिवारी की हालत बनी हुई थी नाजुक . जहाँ से उन्हें लखनऊ रेफर कर किया गया . लखनऊ ले जाते समय कप्तानगंज के पास कबीर तिवारी का निधन हो गया है .पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया. उधर कबीर की हत्या के विरोध में उनके समर्थक उग्र हो गए. घटना से गुस्साये छात्र नेताओं, भाजपा समर्थकों तथा आम जनता ने घण्टों बवाल काटा|  इस दौरान रोडवेज बसों की टायर, रोडवेज स्थित पुलिस चौकी व कई अन्य जगहों पर आग लगा दी गयी। पुलिस चौकी में भी जमकर तोड़फोड़ की और उसकी कुर्सियों, मेज को आग लगा दी| आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोडवेज पर हवाई फायरिंग भी हुई। नेहरू चौक पर बनी रेलिंग तोड़ दी गयी, कई बसों में जमकर तोड़फोड़ की गई| कई टैम्पू और पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिए गये| घटना के बाद भारी फोर्स की तैनाती कर दी गई है