भारत में बड़े शान से गिनाये जाते हैं जाकिर हुसैन और हामिद अंसारी.. लेकिन पाकिस्तान में आया ये बड़ा फरमान



भारत में बड़ी शान से पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन तथा पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के नाम गिनाये जाते हैं. जब-जब देशविरोधी मजहबी चरमपंथियों के खिलाफ आवाज उठाई जाती है, तब-तब तमाम कथित सेक्यूलर राजनेता तथा बुद्धिजीवी जाकिर हुसैन तथा हामिद अंसारी के नाम को बड़ी शान से गिनाने लगते हैं. 
जाकिर जहाँ स्वतंत्र भारत के तृतीय राष्ट्रपति थे वहीं हामिद अंसारी वर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से पहले तक उपराष्ट्रपति थे. जिन्ना प्रेमी हामिद अंसारी की मानसिकता क्या है, वो पूरा देश जानता है.
खैर ये तो रही भारत की बात.. लेकिन ये खबर पाकिस्तान से है. खबर के मुताबिक़, पाकिस्तान की संसद ने एक विधेयक को रोक दिया है जिसमें संविधान संशोधन के जरिये गैर मुस्लिमों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने की अनुमति देने का प्रावधान था. 
बता दें कि पाकिस्तान में कोई भी गैर मुस्लिम राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है. बाकी, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति क्या है, वो किसी से छिपी नहीं है.
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के ईसाई सांसद डॉ नवीद आमिर जीवा बुधवार को विधेयक प्रस्तुत करना चाहते थे. विधेयक के जरिये जीवा चाहते थे कि अनुच्छेद 41 और 91 में संशोधन कर गैर मुस्लिमों को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने की अनुमति प्रदान की जाए. 
हालाँकि संसदीय मामलों के राज्यमंत्री अली मुहम्मद ने प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया. मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक गणराज्य है जहां केवल एक मुस्लिम ही प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है, लिहाजा विधेयक को रोका जाता है