भारत को मिला पहला राफेल, रक्षामंत्री ने की शस्त्र पूजा और फिर भारी उडान

भारतीय वायुसेना (IAF) को पहला राफेल (Rafale) फाइटर प्लेन मिल गया है. खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राफेल (Rafale) की फैक्ट्री में पहुंचकर इस फाइटर प्लने को रिसीव किया. राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) फ्रांस की वायुसेना के फाइटर प्लेन में सवार होकर राफेल (Rafale) की फैक्ट्री में पहुंचे हैं. उन्होंने यहां फैक्ट्री का जायजा लिया. इसके बाद फ्रांस ने औपचारिक रूप से भारत को पहला राफेल (Rafale) (Rafale) सौंप दिया. राफेल रिसीव करने के बाद राजनाथ सिंह ने इस फाइटर प्लेन का शस्त्र पूजा किया.

यहां आपको बता दें कि विजयादशमी पर भारत में शस्त्र पूजा की परंपरा है. इसी को ध्यान में रखते हुए राजनाथ सिंह ने राफेल रूपी शस्त्र की पूजा की. उन्होंने नारियल फूल की मदद से राफेल की पूजा की. इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पायलट की ड्रेसअप में राफेल की पहली उड़ान के लिए निकल पड़े.

राफेल लेने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे खुशी है कि राफेल विमानों की डिलीवरी तय समय पर हो रही है. हमारी वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना है और मुझे विश्वास है कि इससे हमारी वायु सेना में और मजबूती आएगी. मैं चाहता हूं कि हमारे दो प्रमुख लोकतंत्रों के बीच सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़े.’  उन्होंने कहा, ‘भारत में आज दशहरा का त्योहार है जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है जहां हम बुराई पर जीत का जश्न मनाते हैं. यह 87वां वायु सेना दिवस भी है, इसलिए यह दिन कई मायनों में प्रतीकात्मक बन जाता है.’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधन के दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया. उन्होंने कहा कि अटल सरकार में भारत- फ्रांस की साझेदारी की शुरुआत हुई थी और तब से यह साझेदारी लंबा रास्ता तय कर चुकी है. उन्होंने भविष्य में दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी मजबूत होने की उम्मीद भी जताई.

भारत को पहला राफेल लड़ाकू विमान सौंपने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन की ओर से एक खास वीडियो दिखाया गया. इसमें पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर भी नजर आए. वीडियों में राफेल डील और इसके निर्माण से जुड़ी कई तस्वीरें दिखाई गईं.

राफेल जेट की खूबियां
  • राफेल एक ऐसा लड़ाकू विमान है, जिसे हर तरह के मिशन पर भेजा जा सकता है। भारतीय वायुसेना की इस पर काफी वक्त से नजर थी.
  • यह एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसकी फ्यूल कपैसिटी 17 हजार किलोग्राम है.
  • चूंकि राफेल जेट हर तरह के मौसम में एक साथ कई काम करने में सक्षम है, इसलिए इसे मल्टिरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के नाम से भी जाना जाता है.
  • इसमें स्काल्प मिसाइल है जो हवा से जमीन पर वार करने में सक्षम है.
  • राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है, जबकि स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है.
  • विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम है.
  • यह ऐंटी शिप अटैक से लेकर परमाणु अटैक, क्लोज एयर सपॉर्ट और लेजर डायरेक्ट लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक में भी अव्वल है.
  • यह 24,500 किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है और 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता है.
  • इसकी स्पीड 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा है.