जिसको भैया कहती थी वो 7 वर्षीय मासूम, वही भैया बन गया हैवान.. छठ पूजा के समय किया बलात्कार


वो उस मासूम का सगा भाई नहीं था लेकिन चूँकि उसके घर उसका आना जाना था इसलिए वह उसको भैया कहती थी. शायद मासूम का परिवार आज की शुद्ध सेक्यूलर राजनैतिक विचारधारा को से ओराभावित जो धर्म-मजहब को नहीं बल्कि इंसान को मानता था. तभी १७ वर्षीय आरोपी जो समुदाय विशेष का है, का उनके घर आना जाना था. 

छठ वाले दिन भी वह उनके घर आया तथा वो किया जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी. आरोपी ने उनकी 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दे डाला. मामला देश की राजधानी दिल्ली के विकास नगर इलाके के रनौला थाने का है.

हम यहाँ पर चाहने के बावजूद आरोपी का नाम नहीं लिख पा रहे हैं क्योंकि बलात्कारी की आयु १७ वर्ष है जो नाबालिग की श्रेणी में आती है. माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार बलात्कार पीडिया के साथ ही नाबालिग बलात्कारी की पहिचान भी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है. 

हम आपको सिर्फ इतना बता सकते हैं कि 7 वर्षीय मासूम के साथ बलात्कार कर उसे लहूलुहान अवस्था में छोडकर भागने वाला बलात्कारी समुदाय विशेष का है, जिसे कई लोग शांतिप्रिय समुदाय भी कहते हैं.

बता दें कि पीड़िता के पिता अजय शर्मा बिहार के रहने वाले हैं तथा दिल्ली में मजदूरी का काम करते हैं. छठ पूजा में जाने के लिए लिए उनकी बेटी तैयार हो रही थी, तभी आरोपित आया और उसका कोई सामान लेकर भाग गया. इसके बाद आरोपित का पीछा करते-करते बच्ची छत पर चली गई. वहाँ आरोपित ने बच्ची का मुँह बंद कर के उसके साथ इस दरिंदगी को अंजाम दिया. आरोपित 6 महीने पहले ही बच्ची के पड़ोस में रहने आया था.

बता दें कि बच्ची उसे भैया कहती थी और वो भी पीड़िता को बहन कहा करता था. पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपित हमेशा उनके घर में आया-जाया करता था. उन्होंने कहा कि उन्हें कभी इस प्रकार का ख्याल नहीं आया कि वह ऐसा कर सकता है. 

आरोपित ने बच्ची के साथ छत पर बलात्कार करने के बाद उसे वहीं लहूलुहान छोड़ दिया और फरार हो गया. बच्ची किसी तरह अपनी माँ के पास पहुँची और आपबीती सुनाई. तहरीर के आधार पर पुलिस ने नाबालिग के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है.