अब चीन के उईगर मुसलमानों के लिए न्याय उस देश ने माँगा जो खुद जूझ रहा आतंकी हमलों से और आये दिन हो रहा लहुलुहान


ये वो देश है जो खुद ही आतंकी हमलो से बुरी तरह से जूझ रहा है . आये दिन इसको चाकूबाजी या कोई अन्य हमला अपने नागरिको और पुलिसकर्मियो पर झेलना पड़ता है.
 ये देश कभी अपनी सुन्दरता और भव्यता के लिए दुनिया भर में जाना जाता था, साथ ही पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हुआ करता था.. इतिहास में ये देश कई योद्धाओं के नेतृत्व में कई देशो को अपना उपनिवेश बना चुका था पर अभी हाल में ही इसके हालात एकदम बदल से गए हैं..
ये बात चल रही है यूरोप के देश फ्रांस की जो पिछले कुछ समय से आतंकी हमलो से लगातार लहुलुहान हो रहा है.. उस समय दुनिया हैरान रह गई जब अपने देश में आतंकवाद की घटनाओ के खिलाफ कोई व्यापक रणनीति बनाये बिना ही इस देश ने चीन से अपने देश में उईगर मुसलमानों के दमन को रोकने के लिए कहा.. 
सीरीया और ईराक के कई घुसपैठी खुद ही फ्रांस और वहां की सरकार पर अपने साथ दुर्व्यवहार का आये दिन आरोप लगाया करते हैं पर फ्रांस ने चिंता चीन के मुसलमानों के लिए की है..
फ्रांस ने भी बुधवार को चीन से दो टूक कहा कि वह शिनजियांग में बड़े पैमाने पर लोगों को मनमाने तरीके से हिरासत में लेना बंद करे।फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां वेस ले ड्रायन ने कहा कि चीन इन शिविरों को बंद करे और UN के मानवाधिकार मामलों के उच्चायुक्त को जल्द से जल्द शिनजियांग जाने दे ताकि वह वहां के हालात के बारे में वह रिपोर्ट दे सकें. चीन ने करीब 10 लाख उईगर मुस्लिमों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को ऐसे शिविरों में रखा है जिन्हें बीजिंग वोकेशनल स्कूल (व्यावसायिक विद्यालय) कहता है..