ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर प्रोफाइल से हटाया ‘कांग्रेसी’ परिचय, नाराजगी की अटकलें तेज



मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की नाराजगी को लेकर अटकलें जारी हैं. सोमवार को सिंधिया ने ट्विटर अकाउंट से अपना ‘कांग्रेसी परिचय’ हटा दिया है. अपने नए बायो में उन्होंने खुद को सिर्फ जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी बताया है. 

इससे पहले सिंधिया के ट्विटर प्रोफाइल में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद लिखा हुआ था. अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्विटर प्रोफाइल बदलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्विटर प्रोफ़ाइल में कहीं भी कांग्रेस पार्टी का ज़िक्र नहीं है.

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आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाल के दिनों में कई ऐसे बयान आए थे जिससे ये लग रहा था कि उनके और कांग्रेस पार्टी के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. सिंधिया ने कर्जमाफी, बाढ़ राहत राशि के लिए सर्वे और बिजली कटौती के मामले में खुद की पार्टी वाली कमलनाथ सरकार को कटघरे में खड़ा किया था जिसकी वजह से बीजेपी को कमलनाथ सरकार पर हमला करने के कई मौके मिले. अगस्त महीने में सिंधिया की नाराजगी और उनके समर्थन में कार्यकर्ताओं की इस्तीफे की धमकी के बीच सीएम कमलनाथ खुद सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली भी गए थे.

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हाल ही में एक बैठक में सिंधिया के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के कथित असहयोगात्मक रुख के बारे में उन्हें बताया. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता सहित अन्य कई वादे किए थे, मगर इसका लाभ संबंधित वर्ग को नहीं मिल पा रहा है. इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. इससे यह साफ संदेश गया कि सिंधिया के समर्थक कमलनाथ सरकार से नाराज हैं.

अगर देखा जाए तो वोट के लिहाज से 10 साल में ज्योतिरादित्य सिंधिया की लोकप्रियता में लगातार गिरावट आई है. वर्ष 2009 से लेकर 2019 तक सिंधिया का ग्राफ तेज़ी से गिरा. एमपी में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी हाल के लोकसभा चुनाव में सिंधिया को करारी हार मिली. कभी उन्हीं के ख़ासम-खास रहे केपी यादव ने पाला बदलकर बीजेपी का दामन थामा और गुना-शिवपुरी सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को हरा दिया.