महाराष्ट्र के सियासी उलटफेर पर अखिलेश का तंज, अब तो लगता है कि जिसका गवर्नर, उसकी सरकार



यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने महाराष्ट्र में रातों रात सियसी उलटफेर पर निशाना साधा है. सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि अब तो यही लगता है कि जिसका गवर्नर, उसकी सरकार होगी. 

अखिलेश ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद की है. शनिवार सुबह उन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम पद की शपथ दिलाई, वहीं एनसीपी के अजित पवार (Ajit Pawar) के समर्थन से सरकार बनी. उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है.

अखिलेश यादव ने कहा,  “सुबह मैं सोच रहा था कि कुछ अन्य पार्टियां मिलकर राज्य में सरकार बनाने जा रही हैं. हालांकि अब मुझे लगता है कि जिसका गवर्नर उसकी सरकार”.

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. 

शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसे लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.

इसके बाद Congress-NCP के साथ मिलकर शिवसेना ने सरकार बनाने की कवायद शुरू की. कई दिनों की उहापोह के बाद कांग्रेस-NCP आखिरकार शिवसेना को समर्थन देने के लिए राजी हो गईं और शुक्रवार की शाम तक कई दौर की बैठकों के बाद शरद पवार ने घोषणा की महाराष्ट्र के नए सीएम उद्धव ठाकरे होंगे और शनिवार को तीनों दल राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

दिन भर की कवायद के बाद जब कांग्रेस-एनसीपी और शिवनेता के नेता चैन की नींद सो रहे थे. उसी समय रात 11.45 बजे बीजेपी ने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर डील तय कर ली और रात में ही राज्यपाल सचिववालय को राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी करने के लिए कहा गया.

 इस दौरान अजित पवार रात भर देवेंद्र फडणवीस के साथ ही रहे. सुबह 5.47 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना जारी की जा चुकी थी लेकिन इसकी घोषणा सुबह 9 बजे की गई. इससे पहले फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच चुके थे और 8 बजे के करीब दोनों नेताओं ने शपथ ले ली.