नेपाल से सटी उत्तर प्रदेश की सीमा पर अब बेहद सतर्क है UP पुलिस.. सिद्धार्थनगर पुलिस की सक्रियता से जनपद अभेद्य किले जैसा


वो गुजरे जमाने की बात हुआ करती थी जब कोई अपराधी जघन्य अपराध कर के नेपाल भागने की फ़िराक में लग जाया करता था.. दशको पहले दिल्ली में अतिचर्चित पुश्किन चंद्रा हत्याकांड रहा हो या दाऊद – राजन गैंग की दुश्मनी का लम्बा इतिहास रहा हो, नेपाल की सीमा पर अन्तराष्ट्रीय नियमो का फायदा उठा कर कई बार अपराधी ने भागने की कोशिश की थी .. कुछ बार तो ये सफल भी रहे थे , लेकिन अगर वर्तमान हालात को देखा जाय तो जमीनी स्तर पर काफी बदलाव दिखेगा..
बात हो रही है उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से सटे जनपद सिद्धार्थनगर की.. विकास के मार्ग पर सतत आगे बढने के साथ सुरक्षा की दृष्टि से इस जनपद में जो बदलाव देखने को मिलेंगे वो आपको एक नयेपन का एहसास करवाएंगे.. अब वो समय नहीं रहा कि सुनसान से कोई व्यक्ति गुजरते डरता हो या रात में अकेले कहीं आने जाने में सुरक्षा को ले कर संकोच करता हो.. इस जनपद में इस प्रकार का बुनियादी बदलाव लाने के लिए वर्तमान पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने अथक प्रयास किये हैं.
IPS श्री विजय ढुल की सबसे बड़ी विशेषता ये रही है की ये सुगमता से उपलब्ध हैं.. इनसे मिलने के लिए न तो समय की पाबंदी है और न ही तिथि आदि की.. आम जनता के लिए बेहद मिलनसार और सौम्य स्वभाव के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर अपराधियों पर उतने ही सख्त माने जाते हैं.. जब सिद्धार्थनगर की जमीनी हकीकत देखी गई तो रात और दिन में अपनी चौकियो और पिकेट पर पुलिस के जवान मुस्तैद दिखे और सडको पर नियमित अन्तराल में गश्त करने वाली गाड़ियाँ..
सुदर्शन न्यूज की टीम ने सामान्य रूप से पुलिसकर्मियों से जनपद मुख्यालय का रास्ता पूछा तो थाना गोल्हौरा के स्टाफ ने बहुत ही सहयोगात्मक रूप में पूरा विवरण बताया.. वहां पर मौजूद फरियादी और उन सबके चेहरे पर संयत भाव ये बता रहे थे कि वो पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट थे और थाने में आने पर लगने वाला कथित डर उनके मन से निकल चुका है..ये सब करने में SP सिद्धार्थनगर को थोडा समय जरूर लगा पर अब हालात जनता के मनमाफिक हैं . यहाँ पर एडिशनल SP मायाराम जी से भी मुलाकात हुई और पुलिसकर्मियों के शांत व् सौम्य व्यवहार में उनके सकारात्मक प्रयासों को भी बताया गया ..
सबसे खास बात ये है कि साम्प्रदायिक रूप से मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अयोध्या फैसले के समय एकदम शांति रही और सभी वर्ग एक दूसरे के साथ संतोषजनक रूप में मिल जुल कर रहे, यद्दपि इसके बाद भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे.. समाज की शांति और सुरक्षा में पुलिस के साथ जन जन की भागीदारी हासिल करना किसी पुलिस अधिकारी के लिए एक बेहद मुश्किल लक्ष्य होता है लेकिन यहाँ आ कर ये एहसास जरूर हुआ कि पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने इसको हासिल किया है..
सबसे अहम् बात ये है कि ये जनपद नेपाल की सीमा से सटा हुआ है.. पर क्या मजाल कि अब ये सीमायें किसी भी प्रकार के अवैध कार्य में किसी के भी द्वारा प्रयोग में लाइ जाती हों.. यहाँ सिद्धार्थनगर पुलिस की SSB जवानो के साथ सटीक तालमेल के चलते गौ तस्करी , मानव तस्करी या कोई अन्य अपराध पनप नहीं पाए..यदि कुल मिला कर इस जनपद की सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाय तो एक आम आदमी यहाँ निर्वाध रूप से अपनी दिनचर्या को जी रहा है जिसका श्रेय सिद्धार्थनगर पुलिस के प्रत्येक स्टाफ व् उसके सेनापति कहे जा सकने वाले पुलिस अधिक्षक विजय ढुल को जाता है..