सरदारों का भी क्रूर हत्यारे मुगल आक्रान्ता औरंगजेब के अस्तित्व पर हमला.. दिल्ली से उठी आवाज – “सडकों और किताबो से हटे इस जल्लाद का नाम”



ये वो मांग है जिसको प्रमाणों के साथ सुदर्शन न्यूज अपने कई बिंदास बोल के शो में दिखा चुका है . इसी मांग को ले कर कई बार हिन्दू संगठनों के लोगों ने गिरफ्तारी भी दी है.
 कभी किसी पार्टी के शासन में टीपू सुल्तान और औरंगजेब जैसे लोगों को महान बता कर पेश किया जाता था लेकिन बदलते समय ने समाज को सही राह दिखाई और ऐसे क्रूर दरिंदो की पहिचान भी बताई.. फिलहाल एक बार फिर से औरंगजेब के दिल्ली में दिख रहे अस्तित्व पर सवाल उठाये जा रहे हैं..
विदित हो की दिल्ली से अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम जनता के मन की बात को भांप लिया है और न सिर्फ दिल्ली की सडको से औरंगजेब के नाम को हटाने की मांग की है बल्कि कोर्स की किताबों से भी ये नाम जल्द से जल्द खत्म करने की मांग उठाई है .. 
आम जनमानस के दृष्टिकोण से ये मांग बेहद जरूरी थी और कईयों का ये भी मानना है की इस पर अब तक एक्शन हो जाना चाहिए था.. परन्तु औरंगजेब के कट्टरपंथ से प्रभावित कई लोगों को ये मांग नागवार गुजरती थी ..
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि, गुरु तेग बहादुर ने औरंगजेब द्वारा जबरदस्ती धर्मांतरण करने के प्रयासों के खिलाफ अपने जीवन का बलिदान कर दिया. सिरसा ने कहा है कि, ‘हम सड़कों और किताबों पर औरंगजेब के नाम का विरोध करते हैं, वह एक हत्यारा था. सड़कों पर उनका नाम देखकर हमारी भावनाएं आहत होती हैं.’ 
श्री सिरसा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष भी हैं . मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि औरंगजेब हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन करता था। वह लाखों हिंदुओं का कातिल है। उसके नाम पर सड़क करोड़ों हिंदुओं और सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।