मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दिखाया कथित सेकुलरिज्म का असल आईना.. बताया भारत में कितने प्रतिशत मुसलमान हैं बाबर के समर्थक

भले ही भगवान श्री राम मन्दिर पर सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम फैसला आने के बाद कुछ कथित लिबरल लोगों ने ऐसी तमाम फोटो आदि सोशल मीडिया पर वायरल की जिसको देख कर लगता हो कि हिन्दू से ज्यादा मुसलमान खुश है इस फैसले से लेकिन आख़िरकार झूठ का आवरण ज्यादा देर नहीं टिक पाया है और बाबरी की पैरवी करते आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दिया है ऐसा बयान जो कि बता रहा है भारत के 99 प्रतिशत मुसलमानों के मन की बात .. इसका अभी खंडन भी नहीं किया गया है ..
यहाँ ये भी ध्यान देने योग्य है की भाईचारे की भांग पर सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके जी ने बिंदास बोल किया था जिसका कथित लिबरल समूह ने विरोध किया था पर वो तमाम बातें अब खुद प्रमाणित होती जा रही हैं.. बाबरी मस्जिद के पैरोकार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का दावा ये है कि भारत के 99 प्रतिशत मुस्लमान ये चाह रहे हैं कि बाबरी पर फिर से पुनर्विचार याचिका डाली जाय .. इतना ही नहीं , मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा की सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुसलमानों का न्याय पालिका पर भरोसा कम हुआ है ..
इसी मामले पर बोलते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रमुख सदस्य मौलाना वली रहमानी ने कहा कि मुल्‍क के 99 फीसदी मुसलमान यह चाहते हैं कि उच्‍चतम न्‍यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। अगर यह समझा जा रहा है कि बहुत बड़ा तबका इस याचिका के विरोध में है, तो यह गलतफहमी है।मौलाना रहमानी ने एक सवाल पर कहा,’हमें शुबहा (आशंका) है कि हमारी पुनर्विचार याचिका ठुकरा दी जाएगी, मगर इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसे पेश भी न करें।