अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर किया हवाई हमला, टॉप ईरानी कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी ढेर



अमेरिका ने एक अप्रत्‍याशित घटनाक्रम में गुरुवार देर रात इराक की राजधानी बगदाद में हवाई हमला करके ईरान के अत्‍यंत प्रशिक्षित क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख जनरल क़ासिम सोलेमानी बग़दाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई हमले में मारे गए हैं। इस हमले की ज़िम्मेदारी अमरीकी ने ली है। इस हमले में कताइब हिज़बुल्लाह के कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस भी मारे गए हैं। ईरान ने सुलेमानी के मौत की पुष्टि की है।
ईरान के सरकारी टीवी, पेंटागन, और वाइट हाउस ने सुलेमानी के मारे जाने की पुष्टि की है। बता दें कि सुलेमानी को पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है। सुलेमानी पर सीरिया में अपनी जड़ें जमाने और इजरायल में रॉकेट अटैक कराने का आरोप था। अमेरिका को लंबे समय से सुलेमानी की तलाश थी।

क्या कहा है पेंटागन ने ?

अमरीकी रक्षा विभाग, ‘पेंटागन’ की तरफ से बयान में कहा गया है कि, “अमरीकी राष्ट्रपति के निर्देश पर विदेश में रह रहे अमरीकी सैन्यकर्मियों की रक्षा के लिए क़ासिम सोलेमानी को मारने का कदम उठाया गया है। अमरीका ने उन्हें आतंकवादी घोषित कर रखा था।” इस बयान में कहा गया है कि “सोलेमानी बीते 27 दिसंबर समेत, कई महीनों से इराक़ स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमलों को अंजाम देने में शामिल रहे हैं। इसके अलावा बीते हफ़्ते अमरीकी दूतावास पर हुए हमले को भी उन्होंने अपनी स्वीकृति दी थी।”
वहीं बयान के अंत में कहा गया  है कि, “यह एयरस्ट्राइक भविष्य में ईरानी हमले की योजनाओं को रोकने के उद्देश्य से किया गया। अमरीका, चाहे जहां भी हो, अपने नागरिकों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई को करना जारी रखेगा।”

पाक हवाई क्षेत्र को लेकर अमेरिका की चेतावनी, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका

पाकिस्तान के पड़ोसी ईरानी सैन्य कमांडर को मारे जाने के बाद पाक में मौजूद आतंकी संगठनों की अमेरिका पर जवाबी हमलों और खतरों को देखते हुए अमरीका के विमानन नियामक प्राधिकरण एफ़एए ने अपनी सभी एयरलाइंस कंपनियों को पाकिस्तान के वायु मार्ग को लेकर चेतावनी जारी की है।
इस अमेरिकी हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ना तय माना जा रहा है। अमेरिका ने यह हमला ऐसे समय पर किया है जब ईरान समर्थित मिलिशिया ने बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया था। पिछले दिनों अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि विदेशी अभियानों के लिए जिम्मेदार ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की एक ईकाई ‘कद्स फोर्स’ ने कच्चे तेल के माध्यम से असद और उनके लेबनानी सहयोगी हिजबुल्ला का समर्थन किया था।

एयरपोर्ट पर ही मारा गया सुलेमानी

सुलेमानी ईरान की इस्लामिक रेवलूशनेरी सेना की एक ताकतवर विंग ‘कदस फोर्स’ के मुखिया थे। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि अल मुहांदिस एक काफिले के साथ सुलेमानी को रिसीव करने पहुंचे थे। बताया जाता है कि सुलेमानी का विमान सीरिया ये लेबनान से यहां पहुंचा था। जैसे ही सुलेमानी विमान से उतरे और मुहानदिस उनसे मिल ही रहे थे कि अमेरिका ने मिसाइल हमला कर दिया और ये सभी मारे गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुलेमानी का शव उनकी अंगूठी से पहचाना जा सका।

कई बार मरने की फैली थी अफवाह

बता दें कि सुलेमानी के कई बार मरने की अफवाह फैली थी। 2006 में उत्तरपश्चिमी ईरान में एक विमान दुर्घटना में उनके मारे जाने की अफवाह आई। इसके बाद 2012 में दमिश्क में एक हवाई हमले में सुलेमानी की मरने की अफवाह फैली थी। हाल में नवंबर 2015 में सीरिया में युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल होने या फिर मारे जाने की अफवाह फैली थी।

सुलेमानी ने दी थी ट्रंप को चेतावनी

सुलेमानी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का का कट्टर आलोचक माना जाता था। उन्होंने कई मौकों पर अमेरिका को धमकी भी दी थी। बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी। नए साल के पहले दिन ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान को नुकसान उठाना पड़ेगा। ट्रंप की इस धमकी के बाद अमेरिका ने यह कार्रवाई की है। इस घटना के बाद पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण चल रहे रिश्तों में और तल्खी आनी तय मानी जा रही है।