ईसाईयों और मुस्लिमों के बीच विश्वयुद्ध की आहट. ईरान ने मस्जिद पर लहराया लाल झंडा तो ट्रम्प ने भी आँखे की लाल


जब न्यूजीलैंड की मस्जिद में एक ईसाई बंदूकधारी घुस कर मुसलमानों पर गोलियों की बौछार कर दिया था तब ही सुरेश चव्हाणके जी ने कहा था कि ये एक आगाज़ जैसा है एक युद्ध २ मजहबों के बीच जैसा.. एक बिंदास बोल में उन्होंने कहा था कि ईसाई और मुस्लिमो के बीच ये एलान ए जंग जैसा है. 
उस समय कुछ बुद्धिजीवियों ने भले ही इसका विरोध किया हो लेकिन वो तमाम दावे अब एक के बाद एक कर के सच साबित होते जा रहे हैं क्योंकि ईरान और अमेरिका युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं.
अमेरिकी फ़ौज ने ईरान के सबसे बड़े सैनिक जनरल को मार कर जो शुरुआत की उसके जवाब में अब वो लड़ाई धीरे धीरे विश्वयुद्ध की शक्ल लेती जा रही है.. 
ट्विटर पर भी विश्वयुद्ध ३ ट्रेंड कर रहा है. ईरान में मुस्लिम जनता सडको पर निकल आई है और अमेरिका से जंग लड़ने का एलान कर रही है तो वही डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को किसी भी दुस्साहस के बाद मिट जाने की चेतावनी दे डाली है. ईरान ने तो अपनी मुख्य मस्जिद पर लाल झंडा फहरा कर एलान ए जंग कर दिया है.
शनिवार सुबह ईरान ने जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराकर युद्ध के लिए अलर्ट किया है. बता दें कि ऐसे हालात में लाल झंडा फहराने का मतलब होता है कि युद्ध के लिए तैयार रहें या युद्ध शुरू हो चुका है. ऐसा पहली बार हुआ है, जब ईरान ने इस तरह से मस्जिद पर लाल झंडा फहराया है. 
 लाल झंडे का मतलब दुख जताना नहीं होता है. जाहिर है कि ईरान अपने देशवासियों को उस स्थिति के लिए तैयार रहने को कह रहा है, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा है.