अपने दामाद को टुकड़ों में काट डाला ससुर नजीमुद्दीन ने.. रिश्तों को लांघ गई हैवानियत


आपसी रिश्तों को हैवानियत कितनी क्रूरता से रौंद सकती है, इसका बेहद ही सनसनीखेज तथा रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती से सामने आया है, जहां दामाद कमाल को किसी और ने नहीं बल्कि उसके ससुर नजीमुद्दीन ने ही टुकड़ों-टुकड़ों में काट डाला. बड़ी ये बात रही है कि कमाल की क्रूरतम ह्त्या में उसकी बीबी ने भी अपने अब्बू का साथ दिया. इसके बाद नजीमुद्दीन दामाद की लाश को बक्शे में भरकर ठिकाने लगाने ले जा रहा था, तभी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
दामाद तथा ससुर का रिश्ता बाप-बेटे जैसा होता है लेकिन नजीमुद्दीन ने इसकी परवाह नहीं की तथा बेहद ही बेरहमी तथा क्रूरता के साथ अपने दामाद कमाल की ह्त्या कर दी. खबर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के बस्ती कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़े बन चौकी इंचार्ज विनोद यादव गश्त पर थे, इसी दौरान शक के आधार पर एक गाड़ी को रोका गया. चौकी इंचार्ज को दुर्गंध आई तो, गाड़ी की चेकिंग की गई. पिकअप में बैठे दो लोग साइड में चुपचाप खड़े हो गए.
बक्सा खुलवाया तो पुलिस के होश फाख्ता हो गए. बक्शे में कमाल का शव ठूंसा हुआ था. बक्से से लाश मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि शव कमाल नाम के युवक का है. दोनों लखनऊ में हत्या करने के बाद लाश को बस्ती में ठिकाने लगाने जा रहे थे. 
नजीमुद्दीन ने पुलिस को बताया कि मरने वाला कोई और नहीं बल्कि उसी का दामाद था. उसने बताया कि उसने खुद अपने दामाद कमाल की ह्त्या की थी.
पुलिस पूंछताछ में सामने आया कि मृतक दामाद कमाल तथा हत्यारे ससुर नजीमुद्दीन के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर कुछ विवाद चल रहा था. इसी कारण नजीमुद्दीन ने दामाद कमाल की ह्त्या कर दी. कमाल की ह्त्या में उसकी बीवी ने भी नजीमुद्दीन का साथ दिया. 
इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में वे घूमते रहे. आखिर में बस्ती पहुंचने पर पुलिस ने नजीमुद्दीन को दबोच लिया. पुलिस ने बताया कि मृतक कमाल और उसका परिवार लखनऊ के हबीबपुर का रहने वाला था. पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्यवाई की जा रही है.